Shayari

किसी को दिल में बसाना खता तो नहीं 

किसी के दिल में बसना बुरा तो नहीं 

किसी को दिल में बसाना खता तो नहीं 

है अगर यह ज़माने के लिए बुरा तो क्या हुआ 

ज़माने वाले भी इंसान है खुदा तो नहीं