Shayari

तुम्हें धरती पर भेजकर वो कैसे जी पाया है

पलकों को जब-जब आपने झुकाया है,
बस एक ही ख्याल दिल में आया है,
कि जिस खुदा ने तुम्हें बनाया है,
तुम्हें धरती पर भेजकर वो कैसे जी पाया है

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    Real Shayari Ek Koshish hai Duniya ke tamaan shayar ko ek jagah laane ki.

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