Zari
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रिश्तो से मुकर जाना दस्तूर है….
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रिश्तो से मुकर जाना दस्तूर है दुनिया कामोहोब्बत जिन से हो जाये वो दिलो से नहीं जाते।

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ख़ामोशी बढ़ गयी है इस्कदर…..
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ख़ामोशी बढ़ गयी है इस्कदरकी सन्नाटो की भी चीखे सुनाई पड़ती हैं।

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एक शोर है मुझ मैं….
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एक शोर है मुझ मैंजो खामोश बहोत है।

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एक खलिश मेरे दिल…..
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एक खलिश मेरे दिल में कुछ यु रह गयीज़िन्दगी मैं ज़रा ज़िन्दगी कुछ कम रह गयी।  

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घर से दूर मैं….
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घर से दूर मैं आसमा नापने निकलापर एक घोसला हर शाम याद आता है।

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कोई सुबह हो ऐसी….
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कोई सुबह हो ऐसी तेरा दीदार होकोई शाम तो ऐसी आये जो तू साथ हो।  

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जब जबाब ख़ामोशी……
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जब जबाब ख़ामोशी मैं हो तोलफ्ज़ो से  उलझना क्यों।

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आप वापस आने की …..
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आप वापस आने की जहमत मत करनानाक़द्रों को भूल जाना अत है हमें। 1Like2:59 pm

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ये चाँद की रौशनी…….
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ये चाँद की रौशनी मुझे हर रोज़ कहती हैकुछ किस्से मोहोब्बत के पूरा हुआ नहीं करते।  

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ये सोचो का …..
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ये सोचो का ताल्लुक उनसे जुदा  नहीं होतादेखा है कई बार हमने सांसो को रोक के। 

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ये ज़िन्दगी…..
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ये ज़िन्दगी हमसे कुछ खफा खफा हैकौन सी ये अदा इसकी पहली दफा है।  

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कुछ झूठे ख्वाब…..
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कुछ झूठे ख्वाबकुछ अधूरी खवाहिशेज़िंदा रहने के लिएकुछ तो सामान चाहिए।