baat bachchoñ kī thī laḌne ko siyāne nikle
baat bachchoñ kī thī laḌne ko siyāne nikle phir ajab kyā hai ki bachche bhī laḌāke nikle dhyān maañ rakhtī thī merā vo zamāne nikle haiñ yuuñ ab roz savere…
Asli Shayari | Sher | Shayar | Ghazal | Nazm
baat bachchoñ kī thī laḌne ko siyāne nikle phir ajab kyā hai ki bachche bhī laḌāke nikle dhyān maañ rakhtī thī merā vo zamāne nikle haiñ yuuñ ab roz savere…
aao tum hī karo masīhā.ī ab bahaltī nahīñ hai tanhā.ī tum ga.e the to saath le jaate ab ye kis kaam kī hai bīnā.ī ham ki the lazzat-e-hayāt meñ gum…
सच्चा दोस्त वही होता है जो हमे कभी गिरने न दे,वो न कभी किसी की नज़रो में गिरने दे,और न कभी किसी के कदमो में गिरने दे।
संभाले नहीं संभलता है दिल,मोहब्बत की तपिश से न जला,इश्क तलबगार है तेरा चला आ,अब ज़माने का बहाना न बना।
रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,आओ देखो मेरी नजरों में उतर कर खुद को,आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो।
रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,आओ देखो मेरी नजरों में उतर कर खुद को,आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो।
मुझ में लगता है कि मुझ से ज्यादा है वो,खुद से बढ़ कर मुझे रहती है जरुरत उसकी।
मुकम्मल ना सही अधूरा ही रहने दो,ये इश्क़ है कोई मक़सद तो नहीं है।
बहुत सुकून मिलता है जब उनसे हमारी बात होती है,वो हजारो रातों में वो एक रात होती है,जब निगाहें उठा कर देखते हैं वो मेरी तरफ,तब वो ही पल मेरे…
न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे, बस सुलझी हुई आँखो में उलझी रही मोहब्बत।