इजाज़त हो तो कुछ अर्ज़ करें…….
इजाज़त हो तो कुछ अर्ज़ करेंवो लूट कर भी हमें अमीर कर गया।
Asli Shayari | Sher | Shayar | Ghazal | Nazm
इजाज़त हो तो कुछ अर्ज़ करेंवो लूट कर भी हमें अमीर कर गया।
कुछ चाय सा इश्क़ है हमें आप सेन मिलो तो चैन नहीं आता।
दूर जाने का उसे क्या गम होगापास होकर भी वो कौन सा खुश था।
कभी उतरो तो इश्क़ के दरिया मेंकी किनारो के मुसाफिर हम नहीं हैं।
अनजान बने हो तो गुज़र क्यों नहीं जातेजान ही गए हो तो ठहर जाओ ना ।
ज़िन्दगी सच मैं अगर होती चार दिन कीदिलो को तोड़ने मैं इसे कोई न गवाता।
उलझा रहने दो मुझेयुहीं तुम्हारे दरमियानसुलझ गए हम अगर तोदूरियाँ दास्तां बुनेंगी।
तेरी अदाकारीमेरी ईमानदारीदोस्तों की नकली यारीमेर परवाह करने की बिमारीये झूटी रिश्तेदारीकई चेहरे लिए घूमने की कलाकारीयह है बनवटी दुनियादारी
अपना कहकर अपनापन दिखाकरप्यार जताकर वो कह गए खुश रहना………………..
कल एक छलावा है जिसकी सोच में जीना निर्थक हैआज हमारी सत्यता है जिसको सोचने मैं जाया करना वेबकूफी है।