रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,
रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,आओ देखो मेरी नजरों में उतर कर खुद को,आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो।
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रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,आओ देखो मेरी नजरों में उतर कर खुद को,आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो।
मुझ में लगता है कि मुझ से ज्यादा है वो,खुद से बढ़ कर मुझे रहती है जरुरत उसकी।
मुकम्मल ना सही अधूरा ही रहने दो,ये इश्क़ है कोई मक़सद तो नहीं है।
बहुत सुकून मिलता है जब उनसे हमारी बात होती है,वो हजारो रातों में वो एक रात होती है,जब निगाहें उठा कर देखते हैं वो मेरी तरफ,तब वो ही पल मेरे…
न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे, बस सुलझी हुई आँखो में उलझी रही मोहब्बत।
दोस्ती एक वो एहसास होता है,जो अनजाने लोगो को भी पास लाता है,जो हर पल साथ दे वही दोस्त कहलाता है,वरना तो अपना साया भी साथ छोड़ जाता है।
कुछ ख़ास जानना है तो प्यार कर के देखो,अपनी आँखों में किसी को उतार कर के देखो,चोट उनको लगेगी आँसू तुम्हें आ जायेंगे,ये एहसास जानना है तो दिल हार कर…
किसी न किसी को किसी पर एतवार हो जाता है,एक अजनबी सा चेहरा ही यार हो जाता है,खूबियों से ही नही होती मोहब्बत सदा,किसी की कमियों से भी कभी प्यार…
आग लगी दिल में जब वो खफ़ा हुए,एहसास हुआ तब, जब वो जुदा हुए,करके वफ़ा वो हमे कुछ दे न सके,लेकिन दे गये बहुत कुछ जब वो वेबफा हुए।
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