मोम के पास कभी आग को लेकर देखूं

मोम के पास कभी आग को लेकर देखूं
सोचता हूँ के तुझे हाथ लगाकर देखूं

मैंने देखा है ज़माने को शराब पीकर
दम निकल जाए अगर होश में आकर देखूं

दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है
सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगा कर देखूं

तेरे बारे में सुना है ये कि तू सूरज है
मैं जरा देर तेरे साये में आकर देखूं

याद आता है के पहले भी कर बार यूँ ही
मैंने सोचा था के तुझे भुलाकर देखूं

We will be happy to hear your thoughts

      Leave a reply

      %d bloggers like this: