अब ना मैं हूँ
अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे,फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे,ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे,अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।
Asli Shayari | Sher | Shayar | Ghazal | Nazm
अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे,फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे,ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे,अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।
खबर सबको थीमेरे कच्चे मकान की ,फिर भी लोगो ने दुआओ मेंबरसात ही मांगी।
Ek Bewafa Ko Hum Ne Is Dil Mein Jaga Di ThiKhuwabon Ki Duniya Apni Us Se Hi Saja Di Thi Chaha Tha Us Ko Hum Ne Khud Se Bhi Bohat…
कभी रो के मुस्कुराए, कभी मुस्कुरा के रोए,जब भी तेरी याद आई तुझे भुला के रोए,एक तेरा ही तो नाम था जिसे हज़ार बार लिखा,जितना लिख के खुश हुए उस…
मार ही डाल मुझे चश्म-ए-अदा से पहले अपनी मंज़िल को पहुँच जाऊं क़ज़ा से पहले इक नज़र देख लूँ आ जाओ क़ज़ा से पहले, तुम से मिलने की तमन्ना है…
मैं हूँ और साथ तेरी बिखरी हुई यादें हैं,क्या इसी चीज़ को कहते हैं गुज़ारा होना।वो मेरे बाद भी खुश होगा किसी और के साथ,मीठे चश्मों को कहाँ आता है…
सताया है वक्त ने मुझे बहुतमगर मैने भी वक्त को बर्बाद कम नहीं कियाजहां वक्त ने तक़दीर से मिलायामैंने तकदीर से वक्त को मिटाया हैबचपन में पढ़ाई से हुई लड़ाई…
डाली से टूटा *फूल* फिर सेलग नहीं सकता हैमगरडाली *मजबूत* हो तो उस परनया फूल *खिल* सकता है!!!उसी तरह *ज़िन्दगी* मेंखोये *पल* को ला नहीं सकतेमगर*हौसलें* व *विश्वास* सेआने वाले…
ख्वाइस तो यही है कितेरे बाँहों में पनाह मिल जाये,शमा खामोस हो जायेऔर शाम ढल जाये,प्यार इतना करे किइतिहास बन जाये,और तुम्हारी बाँहों सेहटने से पहले शाम हो जाये.
हम आपकी हर चीज़ से प्यार कर लेंगे,आपकी हर बात पर ऐतबार कर लेंगे,बस एक बार कह दो कि तुम सिर्फ मेरे हो,हम ज़िन्दगी भर आपका इंतज़ार कर लेंगे।