Author: Real Shayari

Real Shayari Ek Koshish hai Duniya ke tamaan shayar ko ek jagah laane ki.

चला है सिलसिला

चला है सिलसिला कैसा ये रातों को मनाने का तुम्हें हक़ दे दिया किसने दियों के दिल दुखाने का इरादा छोड़िये अपनी हदों से दूर जाने का ज़माना है ज़माने…

तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,

तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,इक सूरज की पहली किरन और हम दोनों, मैं सितारा हूँ मगर तेज़ नहीं चमकूँगा…,देखने वाले की आँखों की सुहूलत के लिए|

जलो ए जलने वालों

जलो ए जलने वालोंमुझसे तुम खूब जलोजलो मेरे काम से जलोमेरे रुतबे से जलोमेरी हैसियत से जलोमेरी पहुंच से जलोमेरी रूह से ना जलोमेरी रूह को नापाक ना करोमेरी रूह…

वो कौन है

वो कौन है जोमोहब्बत के बाज़ार में तराज़ू लेके आए हैंउनसे कह दो कि सच्ची मोहब्बत का कोई मोल नही होताऔर मोहब्बत बिक जाएतो वो अनमोल नहीं होता