टूट कर चाहना, और फिर टूट जाना.
टूट कर चाहना, और फिर टूट जाना.बात छोटी सी है मगर जान,निकल जाती हैमुझे जिंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं,पर सुना है सादगी में लोग जीने नहीं देते
तूने तो रुला कर रख दिया ए जिंदगी,
तूने तो रुला कर रख दिया ए जिंदगी,जा कर पूछ मेरी मां से कितने लाडले थे हम,न जाने क्यों आज अपना घर मुझे अनजान सा लगता है,तेरे जाने के बाद…
जरा देखो दरवाजे पे
जरा देखो दरवाजे पे,दस्तक किसने दी है?अगर इश्क़ हो तो कहना,यहां दिल नहीं रहता |
राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तब
सर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब
राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तबसर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब जमाना हसंता हैं जब, सांसें रूकती हैं तबबाहे दुखती हैं जब, हिम्मत रूकती हैं तब…
आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो
जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो
आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते होजब भी मन में आये क्यों रुला देते होनिगाहें बेरुखी हैं और तीखे हैं लफ्ज़ये कैसी मोहब्बत हैं जो तुम मुझसे करते हो…
जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत
यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत
जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुतयादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत पनपने नहीं देता कभी, बेदर्द सी उस ख़्वाहिश कोमहसूस तुम्हें जो करने की, कोशिश…
Usse jana tha…aur hmne jane diya. (2 Line Shayari)
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Mili hayaat hi aisi ke haya bhi ro padi
Teri talash mein zalim saza bhi ro padi
Mili hayaat hi aisi ke haya bhi ro padiTeri talash mein zalim saza bhi ro padi Tujhe toot kar chaha aur itna chaha,Teri wafaa ki khatir wafa bhi ro padi…
पत्थर के जिगर वालों ग़म में वो रवानी है
ख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है
पत्थर के जिगर वालों ग़म में वो रवानी हैख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है फूलों में ग़ज़ल रखना ये रात की रानी हैइस में तेरी ज़ुल्फ़ों की बे-रब्त…
