राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तब
सर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब
राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तबसर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब जमाना हसंता हैं जब, सांसें रूकती हैं तबबाहे दुखती हैं जब, हिम्मत रूकती हैं तब…
