उलझा रहने दो मुझे…..
उलझा रहने दो मुझेयुहीं तुम्हारे दरमियानसुलझ गए हम अगर तोदूरियाँ दास्तां बुनेंगी।
Asli Shayari | Sher | Shayar | Ghazal | Nazm
Collection of real and authentic Shayari by Authors across the globe.
उलझा रहने दो मुझेयुहीं तुम्हारे दरमियानसुलझ गए हम अगर तोदूरियाँ दास्तां बुनेंगी।
तेरी अदाकारीमेरी ईमानदारीदोस्तों की नकली यारीमेर परवाह करने की बिमारीये झूटी रिश्तेदारीकई चेहरे लिए घूमने की कलाकारीयह है बनवटी दुनियादारी
अपना कहकर अपनापन दिखाकरप्यार जताकर वो कह गए खुश रहना………………..
कल एक छलावा है जिसकी सोच में जीना निर्थक हैआज हमारी सत्यता है जिसको सोचने मैं जाया करना वेबकूफी है।
एक उम्र वो थी जब जादू पर भी यकीन थाएक उम्र ये है जब हकीकत पर भी शक है।
न वो सपने देखो जो टूट जाएँन वो हाथ थामो जो छूट जाएँ।
वो वक़्त आने पर सब वादों से मुकर गया ये मेरा ज़र्फ़ था की मैं ख़ामोशी से बिखर गया………
जब उनको सोचता हूँ तो खुद को भूल जाता हूँ कभी हाल इश्क़ मैं उनका भी ऐसा था।
ये दिल और इसकी खामोख़ा की खुशफ़हमिया की जब भी मिला उन्हें अपना समझा।
जिस घड़ी तुमसे मुलाकात होती हैवो घड़ी मेरी क़ायनात होती है।