उनका भी हम कभी दीदार करते है
उनका भी हम कभी दीदार करते है उनसे भी कभी हम प्यार करते है क्या करे जो उनको हमारी जरुरत ना थी पर फिर भी हम उनका इन्तजार करते है
पत्थर से दोस्ती जान को खतरा
पत्थर से दोस्ती जान को खतरा पठान से दोस्ती दिमाग को खतरा दारू से दोस्ती लीवर को खतरा हमसे दोस्ती तो मैसेज का खतरा
मेरे महबूब ने मुझे गुलाब
बड़े ही चुपके से भेजा था मेरे महबूब ने मुझे गुलाब कमब्खत उसकी खुशबू ने सारे शहर में हंगामा मचा दिया
किसी की यादों को रोक पाना मुश्किल है
किसी की यादों को रोक पाना मुश्किल है रोते हुए दिल को मनाना मुश्किल है ये दिल अपनों को कितना याद करता है ये कुछ लफ्जो में बयां करना मुश्किल…
कहाँ जायँगे जिंदगी का कारवां लेकर
कहाँ जायँगे जिंदगी का कारवां लेकर युहीं रह जायँगे एक तनहा जहां लेकर चाँद तारे जब ओझल हो चुके है नजरो से क्या करंगे हम अब सारा आसमां लेकर
दिल तड़पता रहा और वो जाने लगे
दिल तड़पता रहा और वो जाने लगे संग गुजरे हर लम्हे याद आने लगे खामोश नजरो से जब मुड़कर देखा उसने तो भीगी पलकों से हम भी मुस्कराने लगे
तेरे गम को में अपनी रूह में उतार लूँ
तेरे गम को में अपनी रूह में उतार लूँ जिंदगी तेरी चाहत में सवार लूँ मुलाकात हो तुझसे इस कदर कि में अपनी सारी जिंदगी एक मुलाकात में गुजार लूँ
