फूल बनकर मुस्कराना है जिंदगी
फूल बनकर मुस्कराना है जिंदगी मुस्करा के गम भुलाना है जिंदगी जीतकर कोई खुश हो तो क्या हुआ हार कर खुशिया मनाना है जिंदगी
Asli Shayari | Sher | Shayar | Ghazal | Nazm
इस केटेगरी मैं ज़िन्दगी ,जीवन या लाइफ से सम्बन्धित मैसेज और शायरी हिंदी में पढ़ सकते है और वहीँ मैसेज अपने दोस्तों को और अपने करीबी लोगों को भेज सकते हो. या अपने दोस्तों को फेसबुक, ट्विटर और ईमेल के जरिये भेज सकते हो.
फूल बनकर मुस्कराना है जिंदगी मुस्करा के गम भुलाना है जिंदगी जीतकर कोई खुश हो तो क्या हुआ हार कर खुशिया मनाना है जिंदगी
ये दुनिया एक छोटा सा ख्वाब है जिओ अपनी जिंदगी ऐसे , जैसे जी रहा गुलाब है रहकर साथ काँटों के भी मुस्कराओ ऐसे जैसे मुस्कराता गुलाब है
खुद से जीतने की जिद है मुझे खुद को ही हराना है मैं भीड़ नहीं हूँ दुनिया की, मेरे अंदर एक जमाना है
रास्ते कहाँ ख़त्म होते है जिंदगी के सफर में मंजिलें तो वही है जहाँ ख्वाइशें थम जाऐ
एक पल की जुदाई गवारा कर ना सके ऐसा इश्क़ जो हम दुबारा कर ना सके जिंदगी भर पलट कर देखा ना कभी शिकवा फिर भी हम तुम्हारा कर ना…
पास नहीं हो फिर भी तुम्हें प्यार करते है देखकर तस्वीर तुम्हारी तुमको याद करते है दिल में कैसी तड़प है तुमसे दूर रहकर हर बार तुमसे मिलने की फरियाद…
अपना हमसफ़र बनाले मुझे तेरा ही साया हूँ अपनाले मुझे ये रात का सफर और भी हंसी हो जायगा तू आजा मेरे सपनो में या बुलाले मुझे
जिक्र करता है दिल सुबह शाम तेरा गिरते है आंसू बनता है नाम तेरा किसी और को क्यों देखें यह आंखें जब दिल पर लिखा है नाम तेरा
कुछ रिश्ते अनजाने में हो जाते है पहले दिल फिर जिंदगी से जुड़ जाते है कहते है उस दौर को दोस्ती जिसमे लोग जिंदगी से प्यारे हो जाते है
नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते है सोचको बदलो तो सितारे बदल है. कश्तियाँ बदलने की जरुरत नहीं दिशा को बदलो तो किनारे खुद व् खुद बदल जाते है…