रह न पाओगे भुलाकर देखलो
रह न पाओगे भुलाकर देखलो यकीं ना आये तो आजमा कर देखलो हर जगह महसूस होगी मेरी कमी अपनी महफ़िल को कितना भी सजा कर देखलो
Asli Shayari | Sher | Shayar | Ghazal | Nazm
नयी और पुरानी हिंदी शायरी का कलेक्शन, आप इन केटेगरी के बारे में पड़ सख्ते हो इनमे से कुछ है जैसे दर्द, प्यार, फ्रेंडशिप, गम, ज़िंदगी, तन्हाई और गम
रह न पाओगे भुलाकर देखलो यकीं ना आये तो आजमा कर देखलो हर जगह महसूस होगी मेरी कमी अपनी महफ़िल को कितना भी सजा कर देखलो
साथ अगर दोगे तो मुस्करायेंगे जरूर प्यार अगर दिल से करोगे तो निभायेंगे जरूर राह में कितने भी कांटे क्यों ना हो आवाज अगर दिल से दोगे तो आयंगे जरूर
तेरी धड़कन ही जिंदगी का किस्सा है मेरा तू जिंदगी का अहम् हिस्सा है मेरा मेरी मोहब्बत तुझसे सिर्फ लफ्जो की नहीं है तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता…
उनका भी हम कभी दीदार करते है उनसे भी कभी हम प्यार करते है क्या करे जो उनको हमारी जरुरत ना थी पर फिर भी हम उनका इन्तजार करते है
पत्थर से दोस्ती जान को खतरा पठान से दोस्ती दिमाग को खतरा दारू से दोस्ती लीवर को खतरा हमसे दोस्ती तो मैसेज का खतरा
चमन से बिछड़ा हुआ एक गुलाब हूँ में मै खुद ही अपनी तबाही का जवाब हूँ यूँ निगाहें ना फेर मुझसे ऐ मेरे महबूब मैं तेरी चाहतो में ही हुआ…
बड़े ही चुपके से भेजा था मेरे महबूब ने मुझे गुलाब कमब्खत उसकी खुशबू ने सारे शहर में हंगामा मचा दिया
किसी की यादों को रोक पाना मुश्किल है रोते हुए दिल को मनाना मुश्किल है ये दिल अपनों को कितना याद करता है ये कुछ लफ्जो में बयां करना मुश्किल…
कहाँ जायँगे जिंदगी का कारवां लेकर युहीं रह जायँगे एक तनहा जहां लेकर चाँद तारे जब ओझल हो चुके है नजरो से क्या करंगे हम अब सारा आसमां लेकर
दिल तड़पता रहा और वो जाने लगे संग गुजरे हर लम्हे याद आने लगे खामोश नजरो से जब मुड़कर देखा उसने तो भीगी पलकों से हम भी मुस्कराने लगे