जिंदगी चाहत का सिलसिला है
फिर भी जिसे चाहा वो कहा मिला है
दुश्मनो से हमको कोई शिकायत नहीं
अपनों ने ही लुटा बस इसी बात का गिला है
जिसको चाहा उसने ही तोडा दिल हमारा
ज़माने ने हमको दिया यही वफ़ा का सिला है
ज़माने ने हमको दिया यही वफ़ा का सिला है

Leave a Reply