लहरों को खामोश देखकर यह न समझना

लहरों को खामोश देखकर यह न समझना
कि समुन्दर में रवानी नहीं है
हम जब भी उठेंगे तूफ़ान बनकर उठेंगे
बस उठने की अभी ठानी नहीं है

We will be happy to hear your thoughts

Leave a reply

Real Shayari Contest
Start From : 15th Jan
to 10th Feb 2021