बदलना आता नही हमे मौसम की तरह
बदलना आता नही हमे मौसम की तरहहर एक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैना तुम समझ सकोगे जिसे कयामत तककसम तुम्हारी तुम्हे हम इतना प्यार करते है
Asli Shayari | Sher | Shayar | Ghazal | Nazm
बदलना आता नही हमे मौसम की तरहहर एक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैना तुम समझ सकोगे जिसे कयामत तककसम तुम्हारी तुम्हे हम इतना प्यार करते है