Tag: मुसाफ़िर कविता कोश
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ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे
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ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे ज़िन्दगी तेरे आस-पास रहे चाँद इन बदलियों से निकलेगा कोई आयेगा दिल को आस रहे हम मुहब्बत के फूल हैं शायद कोई काँटा भी ...