Month: August 2021

आप की याद आती रही

आप की याद आती रही रात भर’ चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर गाह जलती हुई गाह बुझती हुई शम-ए-ग़म झिलमिलाती रही रात भर कोई ख़ुशबू बदलती रही पैरहन कोई…

चला है सिलसिला

चला है सिलसिला कैसा ये रातों को मनाने का तुम्हें हक़ दे दिया किसने दियों के दिल दुखाने का इरादा छोड़िये अपनी हदों से दूर जाने का ज़माना है ज़माने…

तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,

तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,इक सूरज की पहली किरन और हम दोनों, मैं सितारा हूँ मगर तेज़ नहीं चमकूँगा…,देखने वाले की आँखों की सुहूलत के लिए|

जलो ए जलने वालों

जलो ए जलने वालोंमुझसे तुम खूब जलोजलो मेरे काम से जलोमेरे रुतबे से जलोमेरी हैसियत से जलोमेरी पहुंच से जलोमेरी रूह से ना जलोमेरी रूह को नापाक ना करोमेरी रूह…