Month: August 2021

  • आप की याद आती रही

    आप की याद आती रही

    आप की याद आती रही रात भर’ 

    चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर 

    गाह जलती हुई गाह बुझती हुई 

    शम-ए-ग़म झिलमिलाती रही रात भर 

    कोई ख़ुशबू बदलती रही पैरहन 

    कोई तस्वीर गाती रही रात भर 

    फिर सबा साया-ए-शाख़-ए-गुल के तले 

    कोई क़िस्सा सुनाती रही रात भर 

    जो न आया उसे कोई ज़ंजीर-ए-दर 

    हर सदा पर बुलाती रही रात भर 

    एक उम्मीद से दिल बहलता रहा 

    इक तमन्ना सताती रही रात भर

    • फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
  • कभी ख़ुद पे कभी हालात पे

    कभी ख़ुद पे कभी हालात पे

    कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया 

    बात निकली तो हर इक बात पे रोना आया 

    हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उन को 

    क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया 

    किस लिए जीते हैं हम किस के लिए जीते हैं 

    बारहा ऐसे सवालात पे रोना आया 

    कौन रोता है किसी और की ख़ातिर ऐ दोस्त 

    सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया 

    – साहिर लुधियानवी

  • अश्कों ने कई आँखों में

    अश्कों ने कई आँखों में

    अश्कों ने कई आँखों में जल-थल कर दिया 

    एक पागल ने बहुत लोगों को पागल कर दिया 

    अपनी पलकों पर सजा कर मेरे आँसू आप ने 

    रास्ते की धूल को आँखों का काजल कर दिया 

    मैं ने दिल दे कर उसे की थी वफ़ा की इब्तिदा 

    उस ने धोका दे के ये क़िस्सा मुकम्मल कर दिया 

    ये हवाएँ कब निगाहें फेर लें किस को ख़बर 

    शोहरतों का तख़्त जब टूटा तो पैदल कर दिया 

    देवताओं और ख़ुदाओं की लगाई आग ने 

    देखते ही देखते बस्ती को जंगल कर दिया 

    ज़ख़्म की सूरत नज़र आते हैं चेहरों के नुक़ूश 

    हम ने आईनों को तहज़ीबों का मक़्तल कर दिया 

    शहर में चर्चा है आख़िर ऐसी लड़की कौन है 

    जिस ने अच्छे-ख़ासे इक शाइ’र को पागल कर दिया

    • राहत इंदौरी
  • ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे

    ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे

    ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे

    ज़िन्दगी तेरे आस-पास रहे

    चाँद इन बदलियों से निकलेगा

    कोई आयेगा दिल को आस रहे

    हम मुहब्बत के फूल हैं शायद

    कोई काँटा भी आस-पास रहे

    मेरे सीने में इस तरह से बस जा

    मेरी सांसों में तेरी बास रहे

    आज हम सब के साथ ख़ूब हँसे

    और फिर देर तक उदास रहे

    दोनों इक दूसरे का मुंह देखें

    आईना आईने के पास रहे

    जब भी कसने लगा उतार दिया

    इस बदन पर कई लिबास रहे

    • बशीर बद्र
  • चला है सिलसिला

    चला है सिलसिला

    चला है सिलसिला कैसा ये रातों को मनाने का

    तुम्हें हक़ दे दिया किसने दियों के दिल दुखाने का

    इरादा छोड़िये अपनी हदों से दूर जाने का

    ज़माना है ज़माने की निगाहों में न आने का

    कहाँ की दोस्ती किन दोस्तों की बात करते हो

    मियाँ दुश्मन नहीं मिलता कोई अब तो ठिकाने का

    निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया

    भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का

    ये मैं ही था बचा के ख़ुद को ले आया किनारे तक

    समन्दर ने बहुत मौक़ा दिया था डूब जाने का

    • वसीम बरेलवी
  • अपनी मंज़िल का रास्ता भेजो

    अपनी मंज़िल का रास्ता भेजो

    अपनी मंज़िल का रास्ता भेजो 

    जान हम को वहाँ बुला भेजो 

    क्या हमारा नहीं रहा सावन 

    ज़ुल्फ़ याँ भी कोई घटा भेजो 

    नई कलियाँ जो अब खिली हैं वहाँ 

    उन की ख़ुश्बू को इक ज़रा भेजो 

    हम न जीते हैं और न मरते हैं 

    दर्द भेजो न तुम दवा भेजो 

    धूल उड़ती है जो उस आँगन में 

    उस को भेजो सबा सबा भेजो

    ऐ फकीरो गली के उस गुल की 

    तुम हमें अपनी ख़ाक-ए-पा भेजो 

    शफ़क़-ए-शाम-ए-हिज्र के हाथों 

    अपनी उतरी हुई क़बा भेजो 

    कुछ तो रिश्ता है तुम से कम-बख़्तों 

    कुछ नहीं कोई बद-दुआ’ भेजो

    • जौन एलिया
  • Hasta Tha Muj Ko

    Hasta Tha Muj Ko

    Hasta Tha Muj Ko Rula B Detha Tha
    Ker K Wo Moj Say Aksar Waday Bhula B Detha Tha

    Bewafa Tha Mageracha Lagta Tha Dil Ko
    Kabi Kabar Batian Mohabat Ki Sona B Deta Tha

    Kabi Bay Waqt Hi Chala Ata Tha Milnay Ko
    Kabi Mobhat K Qimti Pal Gawa B Daytha Tha

    Tham Layta Tha Hath Mera Yun Hi Kabi
    Khud Kabi Hath Apna Mery Hath Say Chura B Layta Tha

    Ajab Dhop Chaon Sa Tha Mizaj Us Ka
    Motbar B Karta Nazro Say Gira B Daytha Tha

  • Mujhe Gale Se Laga Lo

    Mujhe Gale Se Laga Lo

    Mujhe Gale Se Laga Lo, Bahot Udas Hun Mein,
    Gham E Jahan Se Chuda Lo, Bahot Udas Hun Mein,

    Yeh Intezar Ka Dukh Ab Saha Nahin Jaata,
    Mujhe Paas Bula Lo, Bahot Udas Hun Mein,

    Meri Har Sans Mein, Milne Ki Pyas Palti Hai,
    Sulagh Raha Hai Badan Aur Ruhh Jalti Hai,

    Bacha Sako To Bacha Lo, Bahot Udas Hun Mein,
    Bhatak Chuka Hun Bahot Zindagi Ki Rahon Mein,

    Mujhe Aake Chupa Lo Tum Apni Baahon Mein,
    Bin Tere Mar Na Jaun Kahin,
    Mera Sawal Na Taalo, Bahot Udas Hun Mein.

  • तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,

    तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,
    इक सूरज की पहली किरन और हम दोनों,

    मैं सितारा हूँ मगर तेज़ नहीं चमकूँगा…,
    देखने वाले की आँखों की सुहूलत के लिए|

  • जलो ए जलने वालों

    जलो ए जलने वालों

    जलो ए जलने वालों
    मुझसे तुम खूब जलो
    जलो मेरे काम से जलो
    मेरे रुतबे से जलो
    मेरी हैसियत से जलो
    मेरी पहुंच से जलो
    मेरी रूह से ना जलो
    मेरी रूह को नापाक ना करो
    मेरी रूह को पूरा करना है एक वादा खुदा का
    उसे दुनियां के मसलों के तराज़ू में ना रखो
    जिस्म है दुनिया का और रूह है खुदा की
    उसे अपनी मंजिशों से नापाक ना करो
    मेरी रूह से ना जलो
    जलो ए जलने वालों मुझसे तुम खूब जलो
    जलो मेरे काम से जलो
    मेरे रुतबे से जलो
    मेरी हैसियत से जलो
    मेरी पहुंच से जलो
    मगर मेरी रूह से ना जलो
    मगर मेरी रूह से ना जलो